April 17, 2021

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बिहारी छात्रों ने दिखाया कमाल, बनाई आटा गूंथने की मशीन और रोबोट चौकीदार

बिहार के भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र रोबोटिक्स की दुनिया में कदम रख चुके हैं। लॉकडाउन के दौरान करीब दस छात्रों ने रोबोट के विभिन्न मॉडलों पर अपने स्तर पर काम किये हैं। यह अंतिम दौर में है। रोबोट के प्रति छात्रों की रुचि को देखते हुए आनेवाले दिनों में आईआईटी मुंबई ई-यंत्रा लैब खोलने जा रही है, जिसमें छात्रों को रोबोट से जुड़ी नयी तकनीक से अवगत कराया जाएगा।

कॉलेज में चल रहे रोबोटिक्स क्लब और इनोवेशन एंड स्टार्टअप सेल की वजह से छात्र इस तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। प्राचार्य डॉ. पुष्पलता ने कहा कि छात्रों के बीच नयी सोच विकसित करने के उद्देश्य से क्लब काम करता है। इसमें छात्रों के आइडिया को मूर्त रूप में उतारने में मदद दी जाती है। जिन छात्रों का आइडिया पसंद आता है, कॉलेज द्वारा आर्थिक मदद भी दी जाती है।

रात में ड्यूटी करेगा रोबोट चौकीदार
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के पांचवें सेमेस्टर के छात्र आकर्षण ने रोबोट गार्ड तैयार है, जो रात में घर की सुरक्षा करेगा। इसे ऑन कर देने पर यह चारों तरफ घूमकर चौकीदारी करता रहेगा। यहीं नहीं किसी भी तरह की सूचना मिलने पर फौरन सेंसर बजेगा और घर में सोए लोगों को जगा देगा। वहीं, निशांत ने बताया कि उसने आटा गूथने की मशीन तैयार की है। इसमें एक बार आटा और पानी मिला देने पर वो गूथ कर इसकी सूचना भी देगा।

आईआईटी मुंबई खोलेगी लैब
आईआईटी मुंबई द्वारा ई-यंत्रा लैब बीईसी में तैयार की जा रही है। इसके लिए शिक्षक और छात्रों का टीम तैयार कर प्रशिक्षण दिया गया है। अब जल्द ही इनका टेस्ट लिया जाएगा ताकि आईआईटी मुंबई द्वारा स्थापित ई-यंत्रा लैब में वे काम कर सकें। प्राचार्य ने बताया कि इसका मकसद छात्रों को रोबोटिक्स की नयी तकनीक की जानकारी देनी है।

स्टार्टअप सेल भी कर रहा काम
छात्रों को इनोवेशन और स्टार्टअप के तरफ प्रेरित करने के उद्देश्य से तैयार सेल भी छात्रों को इस तरह का काम करने के लिए प्रेरित कर रहा है। शिक्षकों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आधे दर्जन छात्रों ने इनोवेशन पर काम किया। इनमें से कई छात्रों को आर्थिक मदद भी दी गयी है।

क्या होता है रोबोटिक्स क्लब
भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज (बीईसी) में काम कर रहा रोबोटिक्स क्लब में 20 सदस्य होते हैं। इसमें पहले सेमेस्टर के लेकर अंतिम सेमेस्टर के छात्र होते हैं, जिनका चयन आंतरिक परीक्षा के आधार पर होता है। चयनित छात्र रोबोटिक्स से जुड़ी कार्यशाला और शोध पर काम करते हैं। चयनित छात्र अपने साथ अन्य छात्रों के ग्रुप को जोड़कर इस पर काम करते हैं। नए सत्र की शुरुआत हो गयी है। अगले माह नए बैच के दो छात्रों का चयन कर इसमें जोड़ा जाएगा।

रिपोर्ट- धर्मेन्द्र कुमार