September 18, 2020

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कोरोना संक्रमण की रोकथाम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी कर रहें सहयोग

पूर्णियाँ : 28 अगस्त : कोरोना काल के दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं के द्वारा डोर टू डोर भ्रमण कर परिवार के साथ रह रहे लोगों खासकर धात्री महिलाएं व नवजात शिशुओं को जागरूक किया जा रहा हैं. आईसीडीएस के डीपीओ शोभा सिन्हा द्वारा जिले के श्रीनगर प्रखंड अंतर्गत गरिया बलुआ पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित कई आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान डीपीओ द्वारा सेविकाओं से उनके पोषक क्षेत्र की जानकारी बिंदुवार ली गई और उन्हें यह निर्देशित किया गया कि अपने-अपने पोषक क्षेत्रों के निवासियों को डोर टू डोर अभियान के तहत स्वास्थ्य से सम्बंधित जानकारी देने और गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं का ध्यान रखने की जरूरत है.

गर्भवती व धात्री महिलाओं को दें सही जानकारी :

डीपीओ शोभा सिन्हा ने बताया गर्भवती व धात्री महिलाओं को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी बहुत ही जरूरी होता हैं क्योंकि जच्चा और बच्चा दोनों को स्वास्थ्य रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है. इसे ध्यान में रखते हुए पोषक क्षेत्र में भ्रमण कर गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनकी नियमित जांच करने की जरूरत होती है. गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच एवं गर्भावस्था के दौरान ली जाने वाली जरूरी दवाऐं आदि की जानकारी सुनिश्चित कराने के लिए आंगनबाड़ी सेविकाएं योगदान दे रही है. साथ ही कोरोना संक्रमण से खुद को कैसे बचाया जाए इसकी भी जानकारी गर्भवती महिलाओं को दी जा रही है. इसके अलावा धात्री महिलाओं की स्वास्थ्य से जुड़ी जांच एवं नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए भी सेविकाओं को निर्देशित किया गया है.

नवजात शिशुओं पर विशेष ध्यान देने की है जरूरत:

डीपीओ शोभा सिन्हा ने बताया कोरोना के इस संक्रमण काल में नवजात शिशु एवं छोटे-छोटे बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देना बहुत ही जरूरी हो गया है. जन्म से लेकर 6 माह तक के नवजात शिशुओं को स्तनपान ही कराना सुनिश्चित करना चाहिए. छः माह तक के नवजात को किसी भी तरह के ऊपरी आहार उन्हें नहीं दिया जा जाए इसका भी ध्यान रखना होगा. 6 महीने के बाद ही उन्हें स्तनपान के साथ-साथ सम्पूरक आहार दिया जाना चाहिए. विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन का कार्य भी डोर टू डोर ही करना हैं. छह महीने से ऊपर के बच्चों को प्रतिदिन 2-3 बार ऊपरी आहार देने की आवश्यकता है.खाना बनाने व बच्चों को खिलाने से पहले महिलाएं अपने हाथों की सफ़ाई बेहतर तरीके से करें.

• आईसीडीएस के डीपीओं द्वारा किया गया दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण
• आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा “डोर टू डोर” दी जा रही स्वास्थ्य से सम्बंधित जानकारी
• स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की हैं जरुरत

आईसीडीएस द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में दी गई जानकारी :

डीपीओं ने बताया समय समय पर विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया जाता हैं जिसमें ग्रामीणों/लाभार्थियों के बीच कोरोना संक्रमण से सम्बंधित लोगों को जागरूक करना व आईसीडीएस के सभी छह तरह की योजनाओं की जानकारी जनसमुदाय व प्रवासियों तक पहुंचाने को सुनिश्चित कराया जाता है. मालूम हो कि वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्रों के बन्द रहने की स्थिति में केंद्रों द्वारा दी जाने वाली सभी सेवाएं लाभार्थियों के बीच जाकर उपलब्ध कराई जा रही है. जिसमें मुख्यरूप से पोषाहार, सुधा दूध, टीकाकरण, स्कूल पूर्व शिक्षा, रेफरल सेवा सहित कई अन्य तरह की जानकारियों को जनसमुदाय तक दी जा रही है. साथ ही अन्य सरकारी योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना आदि की भी जानकारी लोगों को दी जा रही है.

क्षेत्र भ्रमण के दौरान आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शोभा सिन्हा, पोषण अभियान की जिला समन्यवयक निधि प्रिया, श्रीनगर प्रखंड की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सीमा कुमारी, महिला पर्यवेक्षिका के अलावे आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका व सहायिका, उपस्थित रही.

Report : धर्मेन्द्र रस्तोगी