February 26, 2021

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फाईलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की शत प्रतिशत सफलता अर्जित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयत्नशील

फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम (Filaria control program)को हर घर तक पहुँचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह प्रयत्नशील है. इसके लिए जिला स्वास्थ्य समिति नियमित कार्यक्रम का लेखा-जोखा प्रतिदिन लेते हैं. सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा का मानना है कि जब तक ज़िला स्तरीय अधिकारी सजग नही होंगे तब तक कनीय अधिकारी कार्य के प्रति उतने दृढ़ नहीं होंगे. इन्ही सब गतिविधियों की जानकारी के लिए सीएस कार्यालय में प्रतिदिन शाम को एक समीक्षात्मक बैठक भी आयोजित की जाती है. आयोजित बैठक में जिले में चल रहे एमडीए कार्यक्रम के साथ साथ अन्य तरह के कार्यक्रमों की अधतन जानकारी लेने के साथ ही ससमय प्रगति रिपोर्ट ज़िले के संबंधित पदाधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाता है।

एमडीए से जुड़े अधिकारी कार्यक्रम के संबंध में दिन भर करते है निरीक्षण

सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा ने बताया कि सांध्यकालीन बैठक में जिले के सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा डी.ई.सी. और एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने से संबंधित हर गतिविधियों की जानकारी को लेकर विचार विमर्श किया जाता हैं. एमडीए से जुड़े हुए जिले के वरीय अधिकारियों के द्वारा कार्यक्रम के मद्देनजर निरीक्षण करते रहते है. हालांकि बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने ज़िले में चल रहे फाईलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम को लेकर संतोष जताते हुए कहा कि क्षेत्र में कार्यकर्ताओं द्वारा एमडीए कार्यक्रम संतोषजनक चलाई जा रही हैं.

शत प्रतिशत सफलता अर्जित करेगा जिला :

फाईलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के सम्बंध में सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम की शत- प्रतिशत सफ़लता के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा आशा कार्यकर्ताओं को भी लगाया गया हैं. अभी तक मिले रिपोर्ट्स संतोषजनक हैं, फिर भी इनलोगों के सहयोग के लिए जीविका दीदी को भी अभियान में लगाया जाएगा. जीविका दीदी को इस कार्य में लगाने से कार्य में तेजी आएगी. क्योंकि स्थानीय स्तर पर कार्य कर रही आशा कार्यकर्ताओं के साथ जीविका से जुड़े कार्यकर्ता भी स्थानीय स्तर पर कार्य करती हैं जिससे हम सभी को इसका लाभ मिलेगा. सभी के मिलकर काम करने से जिला स्वास्थ्य विभाग अभियान के शत प्रतिशत सफलता अर्जित करने में सफल रहेगा.

  • एमडीए से जुड़े अधिकारी कार्यक्रम के संबंध में दिन भर करते है निरीक्षण
  •  स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी क्षेत्र में लगे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को देते हैं दिशा-निर्देश
  • प्रतिदिन शाम को सदर अस्पताल में होती हैं समीक्षा बैठक
  • डब्लूएचओ, केयर इंडिया व जीविकाओं का मिल रहा है सहयोग

क्षेत्र में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित मिलता है दिशा-निर्देश :

डीएमओ डॉ. आर.पी. मंडल ने बताया कि स्वास्थ्य अधिकारी प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर एमडीए(MDA) कार्यक्रम की जानकारी लेने के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश भी देते हैं. स्वास्थ्य कर्मियों को दवा खिलाने के सही तरीके के साथ ही कोरोना से बचाव का ध्यान रखने व लोगों को भी कोरोना बचाव की जानकारी देने का निर्देश दिया गया है. सबसे अहम निर्देश यह दिया गया है कि कि दवा का वितरण नहीं करके स्वास्थ्य कर्मी अपने सामने ही उस दवा को खिलाने का कार्य करेंगे. तभी यह कार्यक्रम सफ़ल होगा.

डब्लूएचओ, केयर इंडिया व जीविकाओं से लिया जा रहा सहयोग:

फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम को लेकर डब्लूएचओ, केयर इंडिया व जीविका समूह से जुड़े सभी का सहयोग लिया जा रहा हैं, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में इनलोगों की पहुंच सबसे ज्यादा होती हैं. केयर इंडिया के द्वारा सभी प्रखंडों में फाईलेरिया कार्यक्रम को लेकर दो-दो सदस्यों की नियुक्ति की गई हैं. इन्ही सदस्यों द्वारा एमडीए कार्य में लगे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के कार्यो का निरीक्षण किया जाता हैं. इसके साथ ही कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए विशेष ध्यान रखते हुए एमडीए दवा खिलाने के बाद नाखून में किसी भी तरह के कोई निशान नहीं लगाना हैं. बल्कि कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सभी तरह के सुरक्षा मानकों जैसे: स्वच्छता, मास्क और शारीरिक दूरी को अपनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया हैं. साथ ही दवा खाने वाले परिवार के घरों के बाहर दीवार पर आवश्यकतानुसार वॉल पेंटिंग किया जाएगा, जिसमें संबंधित टीम का नम्बर, परिवार संख्या व दिनांक लिखा जाना है.

प्रतिदिन सांध्यकालीन समीक्षात्मक बैठक (Critical meeting)में सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा, ज़िला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. आर.पी. मंडल, ज़िला कार्यक्रम प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह, डब्ल्यूएचओ के जिला समन्यवयक डॉ दिलीप कुमार झा, केयर इंडिया के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी चंदन कुमार सिंह, जीविका डीपीएम सहित कई अन्य अधिकारी शामिल होते हैं.