April 17, 2021

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स्वास्थ्य मंत्री ने 37 ट्रू-नेट मशीन का किया लोकापर्ण के साथ पायलट प्रोजेक्ट की हुई शुरुआत

पटना, 24 मार्च: टीबी रोगियों की पहचान एवं उनके ईलाज में सभी का सहयोग टीबी उन्मूलन का है मूलमंत्र, स्वास्थ्य मंत्री ने 37 ट्रू-नेट मशीन का किया लोकापर्ण, निक्षय पोषण योजना के सुदृढ़ीकरण के लिए आईवीआरएस के पायलट प्रोजेक्ट की हुई शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय सहित राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार एवं अपर कार्यपालक निदेशक अनिमेष पराशर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। साथ ही मंगल पाण्डेय ने राज्य के लिए 37 ट्रू-नेट मशीन का लोकार्पण और निक्षय पोषण योजना के सुदृढ़ीकरण के लिए आईवीआरएस के पायलट की शुरुआत की. इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री सहित राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार अन्य विशिष्ट पदाधिकारियों ने राज्य के टीबीफैक्ट शीट का भी विमोचन किया.

 

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा कि टीबी वर्तमान में सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताओं में से एक है. भारत में टीबी के मामले विश्व में सबसे अधिक है. पूरे विश्व की तुलना में भारत में 27% टीबी के मरीज हैं. वहीं टीबी के कारण देश में प्रत्येक साल 4 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है.

उन्होंने बताया कि टीबी रोगियों की प्रभावी पहचान के लिए राज्य भर में 70 सीवी-नेट मशीन हैं एवं अब 37 ट्रू-नेट मशीन भी राज्य को उपलब्ध कराया जा रहा है.

मंगल पाण्डेय ने कहा कि टीबी उन्मूलन प्रयासों को लंबे समय तक जारी रखते और इनपर पूर्णत: ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन जी ने हाल ही में साल 2021 को पूरे देश में टयूबरक्लोसिस वर्ष के रूप में मनाये जाने की घोषणा की है. इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार में सभी 38 जिलों में रोगी सहायता समूह (पेशेंट सपोर्ट ग्रूप) के माध्यम से पूरे मार्च महीने में अभियान चलाया जा रहा है. पेशेंट सपोर्ट ग्रूप रोगियों, टीबी सर्वाइवर, रोगियों की देखभाल करने वाले लोगों, स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधि, धार्मिक गुरुओं तथा अन्य सरकारी पदाधिकारियों का एक समग्र समूह है.

उन्होंने कहा कि मार्च महीने में चलाए जा रहे जनांदोलन में अभी तक कुल 1640 जन-प्रतिनिधि, 232 धर्म गुरु, 1682 टीबी चैंपियन, 4541 ट्रीटमेंट सपोर्टर, 400 मीडिया पर्सन एवं 286 संगठन आदि ने अपनी प्रतिभागिता सुनिश्चित की.

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चयनित सूचकांकों पर उत्कृस्ट उपलब्धि हासिल करने वाले प्रथम तीन पदाधिकारियों, कर्मियों, रोग मुक्त टीबी चैंपियन एवं यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम में बेहतर योगदान देने के लिए प्राइवेट प्रैक्टिसनर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के राज्य कार्यक्रम प्रबधंक रणविजय कुमार को मीडिया के माध्यम से टीबी जनांदोलन अभियान में सर्वाधिक सकारात्मक मीडिया कवरेज सुनिश्चित कराने में सहयोग करने के लिए मंगल पाण्डेय ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.

इस दौरान टीबी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसिद्ध समाज सेवी उपेन्द्र विद्यार्थी, केयर इन्डिया के चीफ ऑफ़ पार्टी श्री सुनील बाबू, केयर इण्डिया के स्ट्रेटेजिक प्रोग्राम मैनेजर संजय सुमन, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ सुब्रम्न्या बीपी, डॉ उमेश त्रिपाठी, क्लिंटन चाइल्ड हेल्थ इनिशिएटिव की डॉ. प्रणति, डॉ. युवराज सिंह सहित अन्य डेवलपमेंट पार्टनर के प्रतिनिधि शामिल हुए.