January 17, 2022

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भागवत की आरती और झांकी के दर्शन को ले उमड़ी भक्तों की भारी भीड़ – नैतिक जागरण मंच।

मंगलाचरण के साथ भगवान श्री कृष्ण- रुकमणी मैया के विवाह उत्सव में उमड़ी भीड़ ,एडीजे प्रथम श्री अविनाश कुमार और एडीजे द्वितीय प्रमोद कुमार ने की भागवत की आरती और झांकी के दर्शन आज के भागवत कथा का की शुरुआत गोपी गीत से करते हुए ,कथावाचक आचार्य शिवेंद्र जी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण के द्वारा अनेकानेक देवी-देवताओं के मान मर्दन की कथा सुनाते हुए इन्द्र और ब्रह्मा के अहंकार का मान मर्दन किए।अपनी कनिष्ठा अंगुली पर गिरिराज पर्वत को उठा लिये। कथा के दौरान आचार्य श्री शिवेन्द्र जी महाराज ने कहा कि बाल लीला से निकलकर ,भक्तोँ को दर्शन व तृप्त करने के लिए महारास किए।जितनी गोपियाँ।भगवान कृष्ण ने उतने ही रुप धारण कर सभी गोपियों के साथ नृत्य किए।भगवान शिव के साथ साथ अखिल ब्रह्मांड नृत्य करने लगा।
एक दिन महाराज कंश के कहने पर अक्रूर जी भगवान श्री कृष्ण को बुलाकर मथुरा ले जाने के लिए आए ।जैसे ही यह बात गोकुल के लोगों को पता चला। चितकार सी मच गई। यशोदा बार-बार बेहोश हो जाती और कहती कि मैं लल्ला को नहीं जाने दूंगी। गोपियां मार्ग में खड़ी हो गई। भगवान ने सबको समझाया कि मैया मैं 2 दिन के लिए जा रहा हूं। परसों मैं चला आउंगा। लेकिन भगवान कृष्ण एक बार जो गोकुल से गए। फिर वापस नहीं आए। इसीलिए आज भी लोग गोकुल में परसों शब्द का इस्तेमाल नहीं करते। वहां जाकर भगवान ने कुबरी को सौम्य शरीर प्रदान किए। तत्पश्चात भगवान शिव के धनुष का भंजन कर स्वागत के लिए मतवाला किए गए हाथी का उद्धार किया है। अंत में भगवान ने कंस का उद्धार किया है ।कथावाचन के क्रम में आचार्य श्री ने बताया कि भगवान उस समय मथुरा में उसी प्रकार नजर आए जैसी जिसकी भावना थी ।उन्हें सुनाया कि जाकी रही भावना जैसी हरि मूरत देखी तिन तैसी। किसी को भगवान मनमोहन के रूप में नजर आए ।तो किसी को बांसुरी बजाते हुए कृष्ण के रूप नजर आए। किसी ने बाल रूप में दर्शन किया। वही कंश को यमराज के रूप में मौत रुप मे नजर में नजर आए । कथा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने ने कहा कि कंश का उद्धार करने के बाद कि उन्होंने पहले अपने नाना उग्रसेन को कारागार से मुक्त किया तथा उन्हीं के आदेश से अपने माता-पिता को भी कारागार से मुक्त किए। तत्पश्चात लौकिक लीला करते हुए, वे सांदीपनि मुनि के आश्रम में शिक्षा लेने हेतु गए ।अल्पकाल मे वहां जाकर शिक्षा अध्ययन कर वापस आए ।तो माता – पिता की आज्ञा से सिंहासन पर बैठे। तत्पश्चात माता रोहिणी का पत्र पाकर रोहिणी का अपहरण करके घर ले आए। विधि विधान से शादी हुई।
भगवान श्री कृष्ण से मात रुकमणी मैया के विवाहोत्सव की एक झांकी निकाली गई। झांकी को देखकर लोग वैवाहिक गीत पर थिरकते नजर आए। लोगों अपने साथ लाए उपहार को भगवान दर्शन कर अर्पित किए। इस अवसर पर आमंत्रित अतिथि के रूप में बगहा न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश ए प्रथम श्री अविनाश कुमार और एडीजे द्वितीय श्री परमोद कुमार मौजूद रहे । वहीं जी न्यूज़ के संवाददाता इमरान अजीज, प्रभात खबर से चंद्रप्रकाश और दैनिक भास्कर से अभय कुमार पांडे, भक्त रामेश्वर साह सेवानिवृत्त सैनिक रामप्रसाद शिवपुरी को अंग बस समर्पित करके आशीर्वाद दिया गया है।कथावाचक श्री महाराज जी को सम्मानित करने आई वार्ड संख्या दो के वार्ड आयुक्त श्री सुभाषिनी देवी को महाराज जी ने अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में नैतिक जागरण मंच वेलफेयर ट्रस्ट के तरफ से एडीजे प्रथम श्री अविनाश कुमार और एडीए द्वितीय प्रमोद कुमार को गौरैया संरक्षण हेतु घोसला भी प्रदान किया गया। महाराज जी गौरैया व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र मे किए जा रहे कार्यों के लिए सराहना किए।

रिपोर्ट:- नरेन्द्र पांडेय