July 15, 2020

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विगत कुछ वर्षों में बाढ़ आपदा के दौरान NDRF का महत्वपूर्ण योगदान

बिहार राज्य में मानसून के आगमन के साथ ही बिहटा (पटना) में स्थित 9वीं वाहिनीं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 12 टीमों को बाढ़ के खतरे के मद्देनजर संवेदनशील जिलों में तैनात किया जा चुका है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के माँग पर एनडीआरएफ टीमों की तैनाती बाढ़ बचाव तथा अन्य अत्याधुनिक आपदा प्रबंधन उपकरणों के साथ कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया, सारण और पटना जिलों में की गई है। कुछ अन्य टीमों को तैयारी की स्थिति में रखा गया है। एनडीआरएफ की टीमें सम्बंधित जिलों में जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर इलाकों का जायजा ले रही है ताकि आपदा के समय त्वरित रेस्पांस कर स्थानीय लोगों को हर सम्भव सहायता किया जा सके।

15 नवम्बर 2010 को 9वीं वाहिनीं एनडीआरएफ को बिहटा (पटना) में स्थापित किया गया। वर्तमान में इस वाहिनीं की जिम्मेवारी का इलाका बिहार और झारखण्ड दोनों राज्य हैं। बिहटा में स्थापित होने के बाद इस वाहिनीं के बचावकर्मियों ने बाढ़ तथा अन्य आपदा में बिहार, झारखण्ड राज्यों के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों में भी विभिन्न आपदाओं से निपटने में सराहनीय योगदान दिया है।

बिहार राज्य बाढ़ के संदर्भ में अति संवेदनशील है। विगत वर्षों में बाढ़ आपदा के दौरान बिहार राज्य और जिला प्रशासन से कुशल तालमेल स्थापित कर एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने विषम परिस्थितियों में स्थानीय लोगों को सहायता पहुंचाने में उत्कृष्टता के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाया है। कुछ वर्षों में आंकड़ों की बात करें तो एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने बाढ़ आपदा के दौरान प्रभावित क्षेत्रों से बाढ़ में फँसे लाखों लोगों को रेस्क्यू बोट की मदद से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है। मुसीबत के वक्त बाढ़ में फंसे रोगियों तथा सर्प-दंश पीड़ितों को रेस्क्यू बोट की मदद से अस्पताल पहुँचाकर उनकी जान बचाने में सराहनीय भूमिका निभाया है। पिछले वर्ष भी पटना शहर बाढ़ की स्थिति में 9वीं वाहिनीं एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने राज्य व जिला प्रशासन के साथ कुशल समन्वय स्थापित कर मुसीबत के समय लोगों को खासकर बुजूर्गों और महिलाओं को हर सम्भव सहायता पहुँचाया।

बाढ़ के दौरान प्रसव पीड़ित गर्भवती महिलाओं को आपातकालीन रेस्क्यू के दौरान वर्ष 2013, 2014, 2016, 2017 और 2019 में अबतक कुल 09 गर्भवती महिलाओं का रेस्क्यू बोट पर सुरक्षित प्रसव करवाने में भी एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जो कि अपने आप में मिशाल है।

बिहटा स्थित 9वीं वाहिनीं एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने कमान्डेंट विजय सिन्हा के कुशल नेतृत्व में तथा महानिदेशक एनडीआरएफ के कुशल मार्गदर्शन में बिहार राज्य के बाहर चेन्नई बाढ़ 2015, नेपाल भूकम्प 2015, केरल बाढ़ 2018, कुम्भ मेला प्रयागराज 2019, ओडिशा चक्रवाती तूफान ‘फनी’ 2019, पश्चिम बंगाल चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ 2020 आदि में भी अपने व्यावसायिक निपुणता का उत्कृष्ट परिचय देते हुए आपदा से निपटने में सराहनीय सेवा कर चूके हैं। आपदा जोखिम न्यूनीकरण हेतु इस वाहिनीं के कार्मिकों द्वारा बिहार तथा झारखण्ड राज्यों में समुदाय के लोगों, छात्रों तथा अन्य विभागों के कार्मिकों के लिए आपदा प्रबंधन विषय पर प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाया जा रहा है।

इस वर्ष एक बार फिर पूरी तैयारी और मुस्तैदी के साथ 9वीं वाहिनीं एनडीआरएफ के बचावकर्मी बाढ़ आपदा से निपटने के लिए बिहार के विभिन्न जिलों में मुस्तैदी से तैनात हो चुके हैं। इस बार बाढ़ आपदा के दौरान एनडीआरएफ के बचावकर्मियों के समक्ष दोहरी चुनौती होगी, एक तो बाढ़ आपदा से निपटना तथा दुसरा कोरोना वायरस संक्रमण से खुद बचना एवं लोगों को भी बचाना। कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि इस बार हमारे सभी कार्मिक बाढ़ आपदा के साथ कोरोना वायरस महामारी को भी गम्भीरता से लेंगे तथा इस चुनौती से निपटने के लिए उन्हें विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया गया है। कार्मिकों को कोविड-19 पी०पी०ई० किट, सेनेटाईजर, मास्क, फेस शील्ड, साबुन, हैंड वाश, फैब्रिकेटेड फेस हुड कवर आदि व्यक्तिगत तौर पर दिया गया है। सभी कार्मिकों के व्यावसायिक निपुणता बढ़ाने के लिए ब्रेन स्टॉर्मिंग सेशन भी चलाया गया है।